ABV-IIITM ग्वालियर में दो फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का सफल समापन
शोध तकनीकों और उन्नत विश्लेषण पर रहा विशेष फोकस
ग्वालियर : अटल बिहारी वाजपेयी भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी एवं प्रबंधन संस्थान ग्वालियर (ABV-IIITM) के डिपार्टमेंट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज में एक सप्ताह के दो महत्वपूर्ण फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (FDP) का सफलतापूर्वक समापन 3 मई 2026 को हुआ।
यह कार्यक्रम संस्थान के निदेशक एस. एन. सिंह के नेतृत्व में आयोजित किए गए।
🎓 पहला FDP: शोध तकनीकों पर व्यापक प्रशिक्षण
पहला कार्यक्रम “Comprehensive Research Techniques: From Literature Review to Meta-Analysis (CRTLRMA-26)” 20 अप्रैल से 26 अप्रैल 2026 तक हाइब्रिड मोड में आयोजित किया गया।
इस FDP का उद्देश्य प्रतिभागियों की शोध क्षमता को मजबूत करना था। इसमें शामिल विषय रहे:
साहित्य समीक्षा (Literature Review)
बिब्लियोमेट्रिक विश्लेषण
मेटा-एनालिसिस तकनीक
कार्यक्रम में NVivo, VOSviewer और रेफरेंस मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर जैसे टूल्स का प्रायोगिक प्रशिक्षण भी दिया गया।
इसमें देशभर के प्रतिष्ठित संस्थानों से 41 प्रतिभागियों ने भाग लिया।

📊 दूसरा FDP: SEM और मल्टीवैरिएट रिसर्च पर फोकस
दूसरा कार्यक्रम “Advanced Structural Equation Modeling & Applied Multivariate Research (ASEM&AMR-26)” 27 अप्रैल से 3 मई 2026 तक आयोजित हुआ।
इस FDP में प्रतिभागियों को निम्न विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया:
स्ट्रक्चरल इक्वेशन मॉडलिंग (SEM) की मूल अवधारणाएं
मॉडल निर्माण, आकलन और सत्यापन
SEM सॉफ्टवेयर टूल्स का उपयोग
शोध परिणामों की व्याख्या और रिपोर्टिंग
इस कार्यक्रम में 21 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
👨🏫 विशेषज्ञों का योगदान
दोनों कार्यक्रमों में संस्थान के फैकल्टी के साथ-साथ Indian Institute of Management (IIM) और Birla Institute of Technology and Science Pilani (BITS Pilani) के विशेषज्ञों ने सत्र लिए।
कार्यक्रमों का संयोजन और संचालन:
डॉ. अरुण कुमार
प्रो. गौरव अग्रवाल
प्रो. राजेंद्र साहू
डॉ. विशाल व्यास
द्वारा किया गया।
🌟 शोधार्थियों का योगदान
डिपार्टमेंट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज की वरिष्ठ शोधार्थी वैष्णवी पुष्पद ने दोनों कार्यक्रमों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
🌟 अकादमिक उत्कृष्टता की दिशा में कदम
ये दोनों फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम शोध और शिक्षण गुणवत्ता को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुए।
इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों से शिक्षाविदों और शोधार्थियों को उन्नत शोध कौशल और आधुनिक विश्लेषण तकनीकों की जानकारी प्राप्त होती है।
