वेस्ट एशिया संकट पर सिंघानिया विश्वविद्यालय में विशेष संवाद
वेस्ट एशिया संकट पर बोले विशेषज्ञ — बदलती वैश्विक परिस्थितियों में भारत की भूमिका महत्वपूर्ण
पचेरी बड़ी, राजस्थान: सिंघानिया विश्वविद्यालय में “वेस्ट एशिया संकट – भारत के लिए बाहरी एवं आंतरिक सुरक्षा चिंताएं” विषय पर विशेष व्याख्यान एवं संवाद सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मामलों के विशेषज्ञों ने बदलते वैश्विक परिदृश्य में भारत की भूमिका, सुरक्षा चुनौतियों और कूटनीतिक रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं मुख्य वक्ता हिमाचल प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक एवं भारतीय पुलिस सेवा अधिकारी सोमेश गोयल रहे। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में एफ. आर. सिद्दीकी तथा निकिता थालौर उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के अध्यक्ष मनोज कुमार ने की।

भारत उभर रहा संतुलनकारी शक्ति के रूप में
अपने संबोधन में श्री सोमेश गोयल ने कहा कि भारत की कूटनीति “मौन ही स्वर्ण है” की नीति पर आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि भारत ने गल्फ देशों, अफ्रीकी देशों और एशियाई राष्ट्रों के साथ मजबूत संबंध स्थापित किए हैं, जिसके कारण आज भारत कई देशों के लिए एक मजबूत सहयोगी और संतुलनकारी शक्ति बनकर उभर रहा है।
उन्होंने कहा कि युद्ध केवल चुनौतियां ही नहीं, बल्कि अवसर भी लेकर आते हैं और भारत को अपनी रणनीतिक स्थिति को और मजबूत करना चाहिए।
वेस्ट एशिया संकट लंबे समय से विकसित होती स्थिति
विशिष्ट अतिथि डॉ. एफ. आर. सिद्दीकी ने कहा कि वेस्ट एशिया संकट कोई नया विषय नहीं है, बल्कि यह लंबे समय से विकसित होती वैश्विक परिस्थिति का परिणाम है। उन्होंने कहा कि भारत को वेस्ट एशिया में बसे भारतीयों की सुरक्षा, व्यापारिक हितों और कूटनीतिक संतुलन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि कई बड़ी वैश्विक शक्तियों की प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष भागीदारी के कारण यह स्थिति और अधिक जटिल हो गई है।

युवाओं से सामाजिक एकता बनाए रखने की अपील
निकिता थालौर ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि वेस्ट एशिया संकट का अप्रत्यक्ष प्रभाव भारत पर भी पड़ रहा है। गैस और पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि इसका उदाहरण है।
उन्होंने युवाओं से सामाजिक एकता बनाए रखने और आंतरिक अराजकता से दूर रहने का आह्वान किया।

वैश्विक मुद्दों पर विद्यार्थियों को जागरूक बना रहा विश्वविद्यालय
अध्यक्षीय संबोधन में मनोज कुमार ने कहा कि सिंघानिया विश्वविद्यालय समय-समय पर समसामयिक और वैश्विक विषयों पर चर्चा सत्र आयोजित करता रहा है। उन्होंने बताया कि इससे पूर्व नेपाल-भारत संबंधों पर भी विशेष चर्चा आयोजित की जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को विश्व स्तर पर हो रही घटनाओं के प्रति जागरूक बनाकर जिम्मेदार नागरिक तैयार करने की दिशा में कार्य कर रहा है।
विद्यार्थियों ने पूछे सवाल
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों और संकाय सदस्यों ने भारत की विदेश नीति, सुरक्षा चुनौतियों और वैश्विक परिस्थितियों से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने विस्तार से उत्तर दिया।
कार्यक्रम का संचालन मोहम्मद इमरान हाशमी ने किया। समापन राष्ट्रगान और समूह छायाचित्र के साथ हुआ।
इस अवसर पर अब्दुल राशिद हाशमी, प्रेस सूचना ब्यूरो के प्रतिनिधि, रामनिवास मानव सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी और विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

