सिंघानिया विश्वविद्यालय ने लॉन्च किए दो नए रोजगारोन्मुखी कार्यक्रम
एआई फॉर एजुकेटर्स प्रिंसिपल्स कॉन्क्लेव में जुटे क्षेत्रभर के शिक्षाविद्
नारनौल : सिंघानिया विश्वविद्यालय द्वारा चांदनी रिसोर्ट, नारनौल में “एआई फॉर एजुकेटर्स” विषय पर एक भव्य प्रिंसिपल्स कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में शेखावाटी, नारनौल एवं महेंद्रगढ़ क्षेत्र के अनेक विद्यालयों के प्राचार्यों, शिक्षाविदों तथा शिक्षा क्षेत्र से जुड़े गणमान्य व्यक्तियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ विश्वविद्यालय के कुलगीत के साथ हुआ, जिसने संस्थान की गौरवशाली परंपराओं, मूल्यों एवं शिक्षा के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। कुलगीत ने पूरे आयोजन के लिए प्रेरणादायी एवं सकारात्मक वातावरण का निर्माण किया।

कार्यक्रम के मुख्य वक्ता जेत्री ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं एआई विशेषज्ञ श्री विपुर राठौर रहे। उन्होंने प्रतिभागियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के विभिन्न आयामों से अवगत कराया तथा व्यावहारिक डेमो के माध्यम से ChatGPT सहित विभिन्न एआई टूल्स के उपयोग की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किस प्रकार एआई शिक्षा, प्रशासन, कंटेंट निर्माण, शोध एवं शिक्षण प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और परिणामोन्मुख बना सकता है। इस दौरान उपस्थित प्राचार्यों एवं शिक्षाविदों ने एआई से जुड़े अनेक प्रश्न पूछे, जिनका श्री राठौर ने विस्तारपूर्वक उत्तर दिया।

कार्यक्रम के प्रारंभ में विश्वविद्यालय के अध्यक्ष डॉ. मनोज कुमार ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि सिंघानिया विश्वविद्यालय, चेयरमैन श्री रवि सिंघानिया के नेतृत्व में शिक्षा, खेल एवं आधारभूत संरचना के क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रहा है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ आधुनिक तकनीकों से जोड़ना है।
डॉ. कुमार ने जानकारी दी कि विश्वविद्यालय परिसर में मार्च 2027 में तृतीय एशियन पैरा थ्रोबॉल चैंपियनशिप का आयोजन किया जाएगा, जिसमें 20 से अधिक देशों के खिलाड़ी भाग लेंगे। उन्होंने कहा कि यह आयोजन विश्वविद्यालय एवं क्षेत्र के लिए गौरव का विषय होगा तथा इससे विश्वविद्यालय की अंतरराष्ट्रीय पहचान और अधिक मजबूत होगी।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के चेयरमैन श्री रवि सिंघानिया ने कहा कि संस्थान का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुखी एवं भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना है। उन्होंने कहा कि बदलती तकनीकों और रोजगार की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय ऐसे कार्यक्रम आयोजित कर रहा है, जिससे विद्यार्थी एवं शिक्षक नवीनतम ज्ञान और कौशल से स्वयं को अपडेट कर सकें।
कार्यक्रम के दौरान सिंघानिया विश्वविद्यालय ने रोजगारोन्मुखी शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दो नए अभिनव कार्यक्रमों का शुभारंभ भी किया। इनमें राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के सहयोग से संचालित “बी.ए. विद इंटीग्रेटेड डिफेंस कोचिंग (ऑफिसर लेवल एंट्री तक)” तथा विद्यासागर इंस्टीट्यूट, जयपुर के सहयोग से “बी.कॉम. विद इंटीग्रेटेड सीए कोचिंग” कार्यक्रम शामिल हैं।

विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार दोनों पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं एवं व्यावसायिक करियर के लिए तैयार करना है, जिससे उनके रोजगार एवं करियर के अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि हो सके।
कार्यक्रम का प्रभावी एवं सुव्यवस्थित मंच संचालन विश्वविद्यालय के प्रो-वाइस चांसलर डॉ. पवन त्रिपाठी ने किया। समापन अवसर पर प्रो-प्रेसिडेंट एवं कैंपस डायरेक्टर प्रो. पी. एस. जस्सल ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि एआई के आगमन से नौकरियां समाप्त नहीं होंगी, बल्कि नए अवसरों का सृजन होगा। इसके लिए आवश्यक है कि सभी लोग समय के साथ स्वयं को अपडेट करें और नई तकनीकों को सीखने के लिए तत्पर रहें।
यह कॉन्क्लेव शिक्षा क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की संभावनाओं, चुनौतियों एवं भविष्य की दिशा पर सार्थक संवाद का प्रभावी मंच साबित हुआ। कार्यक्रम के समापन पर सभी अतिथियों, प्राचार्यों, शिक्षाविदों एवं विश्वविद्यालय परिवार के सदस्यों ने राष्ट्रगान का सामूहिक गायन किया, जिसके साथ इस सफल एवं ज्ञानवर्धक आयोजन का गरिमामय समापन हुआ।
