छोटे जुगाली पशुओं में संक्रामक रोग निदान एवं प्रजनन प्रबंधन पर ICAR-IVRI में सात दिवसीय प्रशिक्षण का शुभारम्भ
बरेली : आईसीएआर–भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (IVRI), इज्जतनगर द्वारा “छोटे जुगाली पशुओं में संक्रामक रोगों के निदान की उन्नत तकनीकें एवं प्रजनन प्रबंधन” विषय पर 16 से 22 जनवरी 2026 तक सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम भेड़ पालन विभाग, लेह (लद्दाख) द्वारा प्रायोजित है।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं संयुक्त निदेशक (प्रसार शिक्षा) डॉ. रूपसी तिवारी ने अपने उद्बोधन में कहा कि यह प्रशिक्षण लेह-लद्दाख क्षेत्र की भौगोलिक एवं जलवायु परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए विशेष रूप से तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम प्रतिभागियों की संक्रामक रोग निदान तथा प्रजनन रोग प्रबंधन क्षमता को सुदृढ़ करेगा और भेड़ एवं बकरी उत्पादन दक्षता बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगा।

कार्यक्रम के पाठ्यक्रम निदेशक डॉ. रवि कांत अग्रवाल ने जानकारी दी कि प्रशिक्षण के दौरान पीसीआर, रियल-टाइम पीसीआर, एलाइज़ा, रोग प्रकोप जांच (आउटब्रेक इन्वेस्टिगेशन) तथा भेड़-बकरी रोगों के उन्नत निदान हेतु सीआरआईएसपीआर-कैस तकनीक पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इस अवसर पर पशु पुनरुत्पादन विभाग के डॉ. एम. एच. खान ने बताया कि प्रतिभागियों को अल्ट्रासोनोग्राफी, प्रजनन रोग प्रबंधन तथा भेड़-बकरी की प्रजनन दक्षता बढ़ाने से संबंधित विषयों पर हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
कार्यक्रम का संचालन पाठ्यक्रम समन्वयक डॉ. अजय कुमार यादव द्वारा किया गया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन डॉ. बृजेश कुमार ने प्रस्तुत किया। इस अवसर पर डॉ. बबलू कुमार, डॉ. के. के. रजक, डॉ. सोनालिका महाजन उपस्थित रहे।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में लेह से डॉ. एम. अब्बास एवं डॉ. रऊफुल हसन सहित प्रतिभागियों ने सहभागिता की।
