राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय में इलेक्ट्रोकेमिस्ट्री पर अंतर्राष्ट्रीय कार्यशाला

राजस्थान : राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय के रसायन विज्ञान विभाग द्वारा “Electrochemistry in Energy and Diagnostics” विषय पर तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय ‘हैंड्स-ऑन’ (प्रायोगिक) कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। यह कार्यशाला 23 से 25 अप्रैल, 2026 तक आयोजित की जा रही है, जिसमें देश-विदेश के प्रतिष्ठित वैज्ञानिक और शोध संस्थान भाग ले रहे हैं।

इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य इलेक्ट्रोकेमिस्ट्री के सैद्धांतिक शोध और व्यावहारिक अनुप्रयोग के बीच की दूरी को कम करना है। प्रतिभागियों को इस दौरान इलेक्ट्रोकेमिकल तकनीकों में गहन प्रायोगिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे वे आधुनिक वैज्ञानिक चुनौतियों के लिए तैयार हो सकें।


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Three day international on “Electrochemistry in Energy and Diagnostics” at Central University of Rajasthan

कार्यशाला के पहले दिन आईआईटी हैदराबाद के डॉ. आशीष कुलकर्णी ने “Basic Fundamentals of Solar Cells: Past, Present and Future” विषय पर व्याख्यान दिया। आईएनएसटी मोहाली के डॉ. रामेंद्र एस. डे ने “Electrochemical Ammonia Production” पर प्रकाश डाला, जबकि आईआईएसईआर भोपाल के प्रो. अमित पॉल ने साइक्लिक वोल्टैमेट्री और सुपरकैपेसिटर के कैपेसिटेंस पर विस्तृत जानकारी साझा की।

इसके अतिरिक्त, Class One Systems S & T Pvt Ltd के श्री राजीव दास ने “PalmSens—Next Generation Potentiostats” पर तकनीकी सत्र लिया। सभी वक्ताओं ने नवीनतम शोध और तकनीकों पर चर्चा करते हुए प्रतिभागियों को समकालीन वैज्ञानिक प्रगति से अवगत कराया।


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अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी इस कार्यशाला की विशेष पहचान बन रही है। University of Cincinnati और Chalmers University of Technology के विशेषज्ञों द्वारा ऑनलाइन की-नोट सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।
पहले दिन प्रो. नोए टी. अल्वारेज़ ने “Carbon Nanotube Assemblies for Electrochemical Sensors” विषय पर ऑनलाइन मुख्य व्याख्यान दिया, जिसमें उन्होंने कार्बन नैनोट्यूब आधारित सेंसर तकनीक के उपयोग से रोगों की पहचान और पर्यावरण निगरानी को अधिक सटीक बनाने की संभावनाएं बताईं।


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उद्घाटन सत्र में विश्वविद्यालय के कुलपति ने कहा कि इस प्रकार की अंतर्राष्ट्रीय कार्यशालाएं छात्रों और शोधकर्ताओं को वैश्विक ज्ञान और तकनीकों से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के वैज्ञानिक दृष्टिकोण को मजबूती देती हैं।

कार्यशाला के संयोजक डॉ. पंकज गुप्ता ने बताया कि यह पहल प्रतिभागियों को मूलभूत सिद्धांतों से लेकर अत्याधुनिक अनुप्रयोगों तक समग्र समझ प्रदान करेगी, जिससे वे ऊर्जा और डायग्नोस्टिक्स के क्षेत्र में प्रभावी योगदान दे सकें।


Three day international on “Electrochemistry in Energy and Diagnostics” at Central University of Rajasthan

इस कार्यशाला में आईआईटी दिल्ली, आईआईटी मंडी, आईआईटी इंदौर, एमएनआईटी जयपुर, एनआईटी सिक्किम, मणिपाल विश्वविद्यालय, आरजीआईपीटी, आईआईपीई विशाखापट्टनम तथा पीडीईयू गांधीनगर सहित कई प्रतिष्ठित संस्थानों के विद्यार्थी भाग ले रहे हैं।

आगामी दो दिनों में IITs, IISERs, दिल्ली विश्वविद्यालय और अन्य प्रमुख संस्थानों के विशेषज्ञों के व्याख्यान आयोजित किए जाएंगे। यह कार्यशाला अकादमिक आदान-प्रदान और नवाचार के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित होगी।

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