संत गाडगे बाबा अमरावती विश्वविद्यालय में हिंदी पखवाड़े का शुभारंभ
तकनीकी नवप्रवर्तन में हिंदी का बढ़ता योगदान
अमरावती : संत गाडगे बाबा अमरावती विश्वविद्यालय के अनुवाद हिंदी विभाग में हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में हिंदी पखवाड़े का शुभारंभ किया गया। उद्घाटन समारोह में मानव विज्ञान विद्याशाखा एवं मराठी विभाग प्रमुख प्रो. डॉ. मोना चिमोटे, प्रमुख वक्ता भारतीय जनसंचार संस्थान के सहयोगी प्राध्यापक एवं संयोजक डॉ. राजेश सिंह कुशवाहा, तथा अनुवाद हिंदी विभाग प्रभारी प्रमुख प्रो. डॉ. माधव पुटवाड उपस्थित रहे।
अपने अतिथि संबोधन में डॉ. राजेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि हिंदी पखवाड़ा छात्रों में लेखन, संभाषण, अभिव्यक्ति और ज्ञानवर्धन को प्रोत्साहित करने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने हिंदी को भारतीय भाषाओं की “मिली-जुली संवाहिका” बताते हुए कहा कि यह भाषा समग्रता और समरसता को आत्मसात करने की क्षमता रखती है। हिंदी के विकास में अहिंदी भाषियों का योगदान महत्वपूर्ण रहा है। विविधता में एकता बनाए रखने और रोजगार के नए अवसर खोलने में अनुवाद एक प्रभावी साधन बनकर उभरा है।

प्रो. डॉ. मोना चिमोटे ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में बताया कि पखवाड़े के दौरान हिंदी निबंध लेखन, शुद्ध लेखन, तत्काल भाषण, अंताक्षरी, प्रश्नमंजुषा और अनुवाद जैसी प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि तकनीकी नवप्रवर्तन हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार का महत्वपूर्ण कारक है। डिजिटल उपकरणों के उपयोग और मशीनी अनुवाद जैसी तकनीकों ने हिंदी लेखन व अनुवाद को वैश्विक स्तर पर सुलभ बनाया है। सरकारी कार्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में तकनीकी अनुवाद ने हिंदी साहित्य और भारतीय सांस्कृतिक धरोहर को सटीकता के साथ विश्वभर में पहुँचाने में अहम भूमिका निभाई है।
कार्यक्रम का संचालन प्रा. मालती यादव ने किया, प्रास्ताविक प्रा. ज्योति जोशी ने प्रस्तुत किया और आभार प्रदर्शन डॉ. चंदन विश्वकर्मा ने किया।
इस अवसर पर डॉ. जयश्री बडगे, डॉ. बुंदेले, डॉ. रेखा धूराटे, प्रा. मनोज सावरकर सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
कार्यक्रम को सफल बनाने में विभाग के कर्मचारी उमाशंकर ठाकूर का विशेष योगदान रहा।
