स्वामी विवेकानंद जयंती पर भोज मुक्त विश्वविद्यालय में ‘Run for Swadeshi’ कार्यक्रम आयोजित

हर भारतीय युवा में स्वामी विवेकानंद जैसा स्वदेशी भाव होना आवश्यक – डॉ. सुशील मंडेरिया

भोपाल | 12 जनवरी 2026

मध्य प्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय में स्वामी विवेकानंद की 163वीं जयंती के अवसर पर नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए “Run for Swadeshi” विषय पर प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम मध्य प्रदेश शासन के उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशों के अंतर्गत संपन्न हुआ।

कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलपति एवं विद्यार्थी सहायता विभाग के निदेशक डॉ. रतन सूर्यवंशी ने की। इस अवसर पर कुलसचिव एवं कार्यक्रम संयोजक डॉ. सुशील मंडेरिया, मुद्रण एवं वितरण विभाग तथा आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन केंद्र की निदेशक डॉ. विभा मिश्रा, तथा भोपाल क्षेत्रीय केंद्र के निदेशक डॉ. हर्षवर्धन तोमर प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

स्वामी विवेकानंद जयंती पर मध्य प्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय में ‘Run for Swadeshi’ कार्यक्रम आयोजित
On the occasion of Swami Vivekananda’s birth anniversary, a ‘Run for Swadeshi’ program was organized at Madhya Pradesh Bhoj Open University.

‘Run for Swadeshi’ – आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कदम

कार्यक्रम में बताया गया कि ‘Run for Swadeshi’ केवल एक दौड़ नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत और पूर्ण रोजगारयुक्त राष्ट्र निर्माण का जनआंदोलन है। इसका उद्देश्य युवाओं में स्वदेशी मूल्यों, उद्यमिता, कौशल विकास, शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य, अनुशासन तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय सहभागिता को बढ़ावा देना है। यह आयोजन स्वामी विवेकानंद के “उठो, जागो और लक्ष्य प्राप्ति तक रुको मत” के संदेश को व्यवहार में उतारने का प्रभावी माध्यम बन रहा है।

स्वदेशी विचारों को जीवन में उतारने का आह्वान

कुलसचिव डॉ. सुशील मंडेरिया ने अपने उद्बोधन में कहा कि “स्वामी विवेकानंद आज भी अपने विचारों के माध्यम से हमारे बीच जीवित हैं। उनका स्वदेशी प्रेम केवल भारत तक सीमित नहीं रहा, बल्कि विश्व स्तर पर स्थापित हुआ।”
उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे स्वदेशी वस्त्रों के साथ-साथ स्वदेशी विचारों को भी अपनाएँ और कहा, “शिक्षा हो या राष्ट्रहित – स्वदेशी अपनाइए और देश को सशक्त बनाइए।”

‘इंडिया’ नहीं, ‘हमारा भारत’

अध्यक्षीय भाषण में डॉ. रतन सूर्यवंशी ने कहा कि “यदि हमारे इरादे मजबूत और संकल्प दृढ़ हों, तो देश शीघ्र ही ‘इंडिया’ से ‘हमारा भारत’ बनेगा।”
उन्होंने स्वामी विवेकानंद के सरल स्वभाव, मृदुभाषी व्यक्तित्व और स्वदेशी प्रेम का उल्लेख करते हुए युवाओं से अपील की कि वे स्वदेशी को केवल विचार तक सीमित न रखें, बल्कि अपने व्यक्तित्व और आचरण में उतारें

विवेकानंद के जीवन से सीख

भोपाल क्षेत्रीय केंद्र के निदेशक डॉ. हर्षवर्धन तोमर ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने अपने जीवन में पगड़ी से लेकर पादुका तक स्वदेशी को अपनाया और विश्व मंच पर भारत की संस्कृति एवं स्वदेशी विचारधारा को प्रतिष्ठा दिलाई। प्रत्येक भारतीय को इस आदर्श का अनुसरण करना चाहिए।

कार्यक्रम का संचालन विद्यार्थी सहायता विभाग के उपनिदेशक डॉ. शैलेंद्र कौशिक ने किया। इस अवसर पर कुलपति, कुलसचिव, अधिकारीगण, नवप्रवेशित विद्यार्थी एवं विश्वविद्यालय परिवार ने ‘Run for Swadeshi’ के अंतर्गत आयोजित पैदल रैली में उत्साहपूर्वक भाग लिया

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