भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान ने 136वाँ स्थापना दिवस उत्साह के साथ मनाया
वैज्ञानिक उत्कृष्टता और अंतरराष्ट्रीय सहयोग का अद्भुत संगम
बरेली / इज्जतनगर : भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईसीएआर–आईवीआरआई), जो राष्ट्रीय मूल्यांकन और प्रत्यायन परिषद (NAAC) द्वारा मान्यता प्राप्त ‘A++’ श्रेणी का देश का प्रतिष्ठित एवं दक्षिण एशिया के सबसे पुराने पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थानों में से एक है, ने अपना 136वाँ स्थापना दिवस अत्यंत उत्साह, गौरव और शैक्षणिक गरिमा के साथ मनाया। यह आयोजन संस्थान की उत्कृष्ट अनुसंधान परंपरा, नवाचार और राष्ट्रीय पशुधन एवं पशु स्वास्थ्य क्षेत्र में इसके अमूल्य योगदान का प्रतीक रहा।

स्थापना दिवस व्याख्यान का मुख्य आकर्षण रहे विश्वप्रसिद्ध वैज्ञानिक प्रोफेसर ब्रायन चार्ल्सटन, FRS, निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, द परब्राइट इंस्टिट्यूट (यूके)। उन्होंने “फुट-एंड-माउथ डिज़ीज़ वायरस कैरियर्स: वायरस पर्सिस्टेंस इन इंडिविजुअल्स एंड पॉप्युलेशंस” विषय पर अत्यंत ज्ञानवर्धक व्याख्यान दिया। उनके संबोधन में एफएमडी वायरस की जटिल प्रकृति, कैरियर पशुओं की भूमिका, होस्ट–वायरस इंटरैक्शन में नवीनतम शोध प्रगति तथा वैश्विक रोग नियंत्रण रणनीतियों पर महत्वपूर्ण वैज्ञानिक दृष्टिकोण शामिल रहे।

कार्यक्रम का आयोजन स्वामी विवेकानन्द सभागार में निदेशक डॉ. त्रिवेणी दत्त की गरिमामयी अध्यक्षता में हुआ। इस अवसर पर संयुक्त निदेशकों, विभिन्न विभागाध्यक्षों, वैज्ञानिकों, प्रशासनिक अधिकारियों, विद्यार्थियों तथा कर्मचारियों ने बड़ी संख्या में प्रतिभाग किया। बाहरी प्राध्यापकों और विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन माध्यम उपलब्ध कराया गया तथा कार्यक्रम का सीधा प्रसारण यूट्यूब पर भी किया गया।
अपने संबोधन में संस्थान के निदेशक डॉ. त्रिवेणी दत्त ने आईवीआरआई की 136 वर्षों की गौरवशाली यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि संस्थान ने वैक्सीन प्रौद्योगिकी, निदान, महामारी विज्ञान, रोग नियंत्रण एवं ट्रांसलेशनल रिसर्च के क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धियाँ हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि प्रोफेसर चार्ल्सटन जैसे वैश्विक विशेषज्ञों के साथ वैज्ञानिक संवाद, संस्थान के ज्ञान-संसाधनों को समृद्ध करता है और सीमापार पशु रोगों से निपटने की राष्ट्रीय क्षमता को मजबूत बनाता है।

स्थापना दिवस व्याख्यान का सफल समन्वयन डॉ. जी. तरु शर्मा, प्रभारी अंतरराष्ट्रीय संबंध प्रकोष्ठ, के नेतृत्व में किया गया। कार्यक्रम के उपरांत निदेशक, संयुक्त निदेशकों एवं अतिथि, वैज्ञानिकों के बीच एक विशेष सहभागिता बैठक एवं औपचारिक संवाद आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य परब्राइट इंस्टिट्यूट और आईवीआरआई के बीच भविष्य के वैज्ञानिक सहयोग को सुदृढ़ बनाना रहा।
आईवीआरआई का 136वाँ स्थापना दिवस संस्थान की गौरवशाली धरोहर को स्मरण करने के साथ-साथ भविष्य में उद्यमशील अनुसंधान, वैश्विक साझेदारी, तथा पशुपालक समुदाय की सेवा के प्रति इसके नव संकल्प को भी सुदृढ़ करता है। यह उत्सव न केवल वैज्ञानिकों और विद्यार्थियों को प्रेरित करता है, बल्कि देश की खाद्य सुरक्षा, पशु स्वास्थ्य, एवं ग्रामीण आजीविका के क्षेत्र में संस्थान की निर्णायक भूमिका को भी पुनर्स्थापित करता है।
