कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय कॉमर्स विभाग में साप्ताहिक शोध कार्यप्रणाली कार्यशाला का शुभारम्भ
कुरुक्षेत्र | CampusKatta News | 05 जनवरी 2026
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय (कुवि) के कॉमर्स विभाग में सोमवार को साप्ताहिक शोध कार्यप्रणाली कार्यशाला का शुभारम्भ किया गया। यह कार्यशाला कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में आयोजित की जा रही है।
कार्यक्रम के दौरान विभागाध्यक्ष डॉ. महाबीर नरवाल ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि इस प्रकार की शोध कार्यशालाएं शोधार्थियों के अकादमिक एवं व्यावसायिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं और उन्हें आधुनिक शोध तकनीकों से जोड़ती हैं।

शोध की मौलिकता और सॉफ्टवेयर प्रशिक्षण पर विशेष सत्र
कार्यशाला के प्रथम दिन के मुख्य अतिथि डॉ. राज कुमार सिंह (हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, शिमला) ने शोध की मौलिकता (Originality in Research) पर विस्तार से प्रकाश डाला तथा STATA सॉफ्टवेयर पर शोधार्थियों को हैंड्स-ऑन प्रैक्टिकल प्रशिक्षण प्रदान किया।
दूसरे सत्र में डॉ. सतेंद्र कुमार (पंजाबी विश्वविद्यालय, पटियाला) ने AMOS-SEM सॉफ्टवेयर पर व्याख्यान देते हुए शोध में इसके व्यावहारिक उपयोग की जानकारी दी।
इस अवसर पर प्रो. तेजेन्द्र शर्मा ने सात दिवसीय कार्यशाला के सफल संचालन के लिए शुभकामनाएं दीं।
44 शोधार्थियों की सक्रिय सहभागिता
इस साप्ताहिक कार्यशाला में कुल 44 शोधार्थियों ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने विशेषज्ञ वक्ताओं से संवाद करते हुए अपने शोध से संबंधित प्रश्न पूछे, जिनका समाधान विषय विशेषज्ञों द्वारा किया गया।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य शोधार्थियों को नवीन शोध तकनीकों, सांख्यिकीय विश्लेषण एवं व्यावहारिक पहलुओं से अवगत कराना है, ताकि वे अपने शोध कार्य को अधिक गुणवत्तापूर्ण और प्रभावी बना सकें। सफल आयोजन के लिए विभाग के शिक्षकों एवं आयोजन समिति के प्रयासों की सराहना की गई।

कुवि के 5 शोधार्थी पीएचडी उपाधि के पात्र घोषित
कुरुक्षेत्र | CampusKatta News | 05 जनवरी 2026
कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सोमनाथ सचदेवा ने शोध समिति एवं परीक्षकों के बोर्ड की अनुशंसा पर 5 शोधार्थियों को पीएचडी उपाधि के लिए पात्र घोषित किया है।
विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ. अंकेश्वर प्रकाश ने जानकारी देते हुए बताया कि पीएचडी डिग्री के लिए पात्र घोषित शोधार्थियों में शामिल हैं:
- सुनील – पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग
- रवि – इतिहास विभाग
- ओजेश कुमार – इतिहास विभाग
- आशुतोष सिंह – इतिहास विभाग
- अली खान – इतिहास विभाग
विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी शोधार्थियों को इस अकादमिक उपलब्धि के लिए शुभकामनाएं दी हैं।