हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय में एक दिवसीय सीआरई कार्यक्रम आयोजित

आरसीआई, नई दिल्ली के सहयोग से हुआ आयोजन

महेंद्रगढ़ : हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेवि) के मनोविज्ञान विभाग द्वारा भारतीय पुनर्वास परिषद् (आरसीआई), नई दिल्ली के सहयोग से मंगलवार को एक दिवसीय ऑनलाइन राष्ट्रीय स्तर के सतत पुनर्वास शिक्षा (सीआरई) कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो टंकेश्वर कुमार ने कहा कि इस तरह के आयोजन न केवल विभाग के लिए बल्कि समुदाय के लिए भी आवश्यक हैं। विश्वविद्यालय की समकुलपति प्रो सुषमा यादव ने अपनी शुभकामनाएं देते हुए कार्यक्रम के विषय विशेष बच्चों की आवश्यकता‘ मुद्दे एवं चुनौतियों के महत्त्व और आवश्यकता पर जोर दिया।

ऑनलाइन माध्यम से आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करतीं हकेवि समकुलपति प्रो सुषमा यादव

इस अवसर पर कार्यक्रम के समन्वयक प्रो विश्वानंद यादव ने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए विषय परिचय प्रस्तुत किया जबकि विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो पायल चंदेल ने वक्ताओं का परिचय कराया। इस कार्यक्रम में मनोविज्ञान विभाग के विद्यार्थियों के साथ-साथ देश के विभिन्न संस्थानों से जुड़ें प्रोफेशनल व विशेष शिक्षक ने प्रतिभागिता की। आयोजन में सम्मिलित एमेटी यूनिवर्सिटी के प्रो द्वीप चंद सिंह ने अभिभावकों, विशेष श्रेणी के अंतर्गत आने वाले बच्चों और उनसे जुड़ें सेवा प्रदाताओं के समक्ष उपस्थित चुनौतियों पर अपनी बात रखी।

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इसी क्रम में अन्य वक्ता स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय से जुड़े क्लिनिकल साइक्लोजिस्ट व साइंटिस्ट सी श्री दीपक ने विशेष श्रेणी के विद्यार्थियों के लिए शिक्षा एक वरदान विषय पर विचार व्यक्त किए और शिक्षा के महत्त्व और उसके माध्यम से संभव सुधार की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। अटल बिहारी वाजपेयी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस के क्लिनिकल साइक्लोजी विभाग की प्रमुख डॉ सत्यम ने विशेष श्रेणी के बच्चों के लिए महत्त्वपूर्ण जीवन प्रबंधन कौशल पर अपने विचार व्यक्त किए। इसी क्रम में अन्य क्लिनिकल साइक्लोजिस्ट डॉ प्रियंका ने समुदाय आधारित पुनर्वास की उपयोगिता पर प्रतिभागियों का ध्यान आकर्षित किया। कार्यक्रम के अंत में प्रो विश्वानंद यादव ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

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