राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय में ‘सृजन 2026’ का भव्य एवं दिव्य शुभारंभ
स्वामी विवेकानंद युवाओं के सबसे बड़े प्रेरक विचारक – केंद्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी
अजमेर | 12 जनवरी 2026
राजस्थान केंद्रीय विश्वविद्यालय में स्वामी विवेकानंद जयंती एवं राष्ट्रीय युवा दिवस के पावन अवसर पर 12 से 14 जनवरी 2026 तक आयोजित होने वाले वार्षिक खेल एवं सांस्कृतिक महोत्सव ‘सृजन 2026’ का भव्य एवं दिव्य शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर अजमेर सांसद एवं कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री श्री भागीरथ चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
मुख्य अतिथि श्री भागीरथ चौधरी ने कहा कि स्वामी विवेकानंद केवल एक संत नहीं, बल्कि युवाओं के सबसे बड़े प्रेरक विचारक थे। उनका लक्ष्य राष्ट्र को परम वैभव तक पहुँचाना था। उन्होंने कहा कि प्राचीन काल में भारत शिक्षा, संस्कृति और नारी सशक्तिकरण में विश्व में अग्रणी था, जिसका प्रमाण नालंदा और तक्षशिला विश्वविद्यालय हैं। स्वामी विवेकानंद ने गुलामी की मानसिकता से जकड़े भारत को आत्मगौरव और आत्मविश्वास का संदेश दिया, जिसके परिणामस्वरूप आज हम राष्ट्रीय युवा दिवस मना रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आज का भारत वही है जिसकी कल्पना स्वामी विवेकानंद ने की थी—आत्मविश्वासी, जागरूक और जिम्मेदार युवा ही राष्ट्र की मजबूत नींव हैं।

कार्यक्रम के प्रारंभ में कुलपति प्रो. आनंद भालेराव ने मुख्य अतिथि को शॉल, श्रीफल, स्मृति चिन्ह, श्रीमद्भगवद्गीता एवं भगवान गणेश की प्रतिमा भेंट कर सम्मानित किया। कुलपति ने सभी को राष्ट्रीय युवा दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह दिन केवल जयंती नहीं, बल्कि चेतना और युवाशक्ति के जागरण का उत्सव है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद को “भीड़ को दिशा देने वाला युगपुरुष” बताते हुए कहा कि वे केवल संत नहीं, बल्कि चलती-फिरती क्रांति थे।
कुलपति प्रो. भालेराव ने विश्वविद्यालय में आयोजित भव्य युवा संकल्प यात्रा को मन, बुद्धि और आत्मा की यात्रा बताया तथा विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे केवल डिग्री ही नहीं, बल्कि चरित्र, आत्मविश्वास और नेतृत्व का निर्माण करें।
इस अवसर पर चित्तौड़ प्रांत के प्रांत प्रचारक श्री मुरलीधर जी ने स्वामी विवेकानंद के जीवन से जुड़े प्रेरक प्रसंग साझा किए और “कृण्वन्तो विश्वमार्यम्” के संदेश के साथ युवाओं को श्रेष्ठ बनने का आह्वान किया।

कार्यक्रम से पूर्व भव्य युवा संकल्प यात्रा का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों, कर्मचारियों, ग्रामीणों, केंद्रीय विद्यालय के विद्यार्थियों एवं स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया। इसके पश्चात मुख्य अतिथि द्वारा पुस्तक प्रदर्शनी, स्वामी विवेकानंद जीवन प्रदर्शनी तथा भारतीय शिक्षण मंडल की पोस्टर प्रदर्शनी का उद्घाटन किया गया।
सृजन 2026 के उद्घाटन समारोह में पहली बार कुलपति नवाचार पुरस्कार (Vice-Chancellor Innovation Awards) प्रदान किए गए। पहला पुरस्कार इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार अभियांत्रिकी विभाग की छात्र टीम को तथा दूसरा पुरस्कार पर्यावरण विज्ञान विभाग की छात्रा इकरा चौधरी को प्रदान किया गया। चयनित नवाचारों को सीयूराज इन्क्यूबेशन फाउंडेशन के माध्यम से ₹5 लाख तक का अनुदान दिया जाएगा।

दोपहर में खेल प्रतियोगिताओं का उद्घाटन हुआ, जहाँ कुलपति प्रो. भालेराव ने टॉर्च रिले में भाग लेकर मशाल प्रज्वलित की और तीन दिवसीय महोत्सव का औपचारिक शुभारंभ किया।
उद्घाटन समारोह में विद्यार्थियों द्वारा स्वागत गीत, विश्वविद्यालय गीत एवं वंदे मातरम् की भावपूर्ण प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन कुलसचिव श्री अमरदीप शर्मा ने किया तथा मंच संचालन डॉ. शीतल प्रसाद महेन्द्रा एवं अनुराधा मित्तल ने किया।

तीन दिनों तक चलने वाले सृजन 2026 में एथलेटिक्स, क्रिकेट, फुटबॉल, कबड्डी, बैडमिंटन, योग सहित विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं तथा गायन, नृत्य, रंगोली, मेहंदी, पेंटिंग, कविता, अभिनय एवं वाद-विवाद जैसी सांस्कृतिक गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी।
