शेखावाटी विश्वविद्यालय में ‘जीवन में खुशी संतुष्टि की कुंजी है’ पर तीन दिवसीय कार्यशाला संपन्न

‘सकारात्मक सोच और योग से ही मिलती है खुशी और संतुष्टि – कुलपति प्रो डॉ अनिल कुमार राय’

खुशी बाजार में नहीं मिलती, अपने आसपास ही करें तलाश

सीकर : पंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी विश्वविद्यालय, सीकर की ओर से ‘जीवन में खुशी संतुष्टि की कुंजी है’ पर तीन दिवसीय कार्यशाला का गुरुवार को संपन्न हुई।

मुख्य वक्ता योग एवं नेचुरापैथी ​डिपार्टमेंट, माधव विश्वविद्यालय आबूरोड के अधिष्ठाता प्रो अनिल योगी थे। उन्होंने कहा कि खुशी बाजार में नहीं मिलती, इसलिए इसे अपने आसपास ही तलाश करें। योग, प्राणायाम, प्रार्थना, ध्यान एवं सकारात्मक चिंतन से स्थायी आनंद को प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों और फेकल्टी मैंबर्स के खुशी से जुड़े सवालों के जवाब भी दिए। उन्होंने स्टूडेंट्स को खुशी की अवधारणा और परिभाषा को विशेष रूप से समझाने का प्रयास किया।

अध्यक्षता शेखावाटी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो डॉ अनिल कुमार राय ने की। उन्होंने कहा कि ‘सकारात्मक सोच और योग से ही खुशी और संतुष्टि मिलती है। जीवन मे खुश रहना अत्यंत आवश्यक है। सच्ची खुशी लोगों की मदद करने से मिलती है। खुशी एक ऐसा शब्द है जो आपको अच्छा महसूस कराता है। फिर भी हम में से अधिकांश लोग इसे अपने जीवन में पाने के लिए संघर्ष करते रहते हैं। डॉ राय ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत वेल्यू एडेड कोर्सेज में भी खुशी और संतुष्टि को शामिल किया गया है, जो आज सबसे अधिक जरूरत है। उन्होंने हैप्पीनेस पर शोध और अनुसंधान पर जोर दिया।

मंच संचालन मीडिया प्रभारी डॉ महेश गुप्ता ने किया। तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन आॅफलाइन और आॅनलाइन दोनों मोड पर किया गया। कार्यशाला के संयोजक उपकुलसचिव, एकेडेमिक डॉ रवींद्र कुमार कटेवा थे। आयोजन सचिव डॉ आरएस चुंडावत, डॉ महेश गुप्ता और डॉ भूपेन्द्र सिंह राठौड़ थे। कार्यशाला को विवि से जुड़े विभिन्न कॉलेजों के हजारों स्टूडेंट्स ने भी आॅनलाइन मोड पर अटेंड किया। कार्यशाला को आॅनलाइन मोड पर संचालित मीडिया डिपार्टमेंट के स्टूडेंट देवांश और भानुप्रताप जोशी ने किया।

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