धर्मशास्त्र राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, जबलपुर में 77वाँ गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया
जबलपुर |
धर्मशास्त्र राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (डीएनएलयू), जबलपुर में भारत का 77वाँ गणतंत्र दिवस अत्यंत उत्साह, गरिमा और देशभक्ति की भावना के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर देशप्रेम और राष्ट्रीय गौरव से ओत-प्रोत दिखाई दिया।
समारोह का शुभारंभ माननीय कुलपति प्रो. (डॉ.) मनोज कुमार सिन्हा द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराने के साथ हुआ, जिसके पश्चात उपस्थित सभी ने राष्ट्रगान गाया।
अपने संबोधन में कुलपति प्रो. (डॉ.) मनोज कुमार सिन्हा ने न्याय के संरक्षण और संवैधानिक मूल्यों की स्थापना में विधि छात्रों की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने भारतीय संविधान की गहन समझ को विधि शिक्षा की आधारशिला बताते हुए कहा कि राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय छात्रों के करियर को संवैधानिक मूल्यों के अनुरूप आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

इस अवसर पर रजिस्ट्रार डॉ. प्रवीण त्रिपाठी ने भी सभी को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं और इसके ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि देश की पहली पूर्व सरकारी इमारत पर ध्वजारोहण का आयोजन पहली बार जबलपुर में ही हुआ था।
समारोह में विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने विशेष आकर्षण का केंद्र बनाया। कार्यक्रम के दौरान सुश्री सुप्रिया तिवारी ने एक भावपूर्ण देशभक्ति गीत की प्रस्तुति देकर उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का समन्वय सुश्री सुप्रिया तिवारी एवं श्री श्रेयांश जैन द्वारा किया गया।

इस गरिमामय समारोह में श्री एस. एन. खरे, सेवानिवृत्त सिविल जज, श्रीमती सरिता रावत, फाइनेंस कंट्रोलर, सहित विश्वविद्यालय के फैकल्टी सदस्य, प्रशासनिक अधिकारी, कर्मचारी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम ने एकता, राष्ट्रीय गौरव और संवैधानिक प्रतिबद्धता की भावना को सशक्त रूप से प्रदर्शित किया, जो वास्तव में गणतंत्र की सच्ची भावना को दर्शाता है।
