राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उत्कृष्ट कार्यान्वयन पर कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय को प्लेटिनम अवार्ड
कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा बोले – कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय पूरे देश के सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालयों में से एक
कुरुक्षेत्र : कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय (केयू) के लिए यह अत्यंत गर्व का क्षण है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 (NEP-2020) को देश में सबसे पहले और सबसे प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए विश्वविद्यालय को “हरियाणा राज्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 कार्यान्वयन उत्कृष्टता पुरस्कार–2025” के अंतर्गत सर्वोच्च प्लेटिनम अवार्ड से सम्मानित किया गया।
यह प्रतिष्ठित पुरस्कार हरियाणा के शिक्षा मंत्री श्री
एवं हरियाणा राज्य उच्च शिक्षा परिषद के अध्यक्ष डॉ. कैलाश चंद्र शर्मा द्वारा प्रदान किया गया। इस ऐतिहासिक उपलब्धि के उपलक्ष्य में मंगलवार को विश्वविद्यालय के सीनेट हॉल में भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया, जिसमें विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी, डीन, विभागाध्यक्ष, शिक्षक एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

समारोह को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने इस उपलब्धि को विश्वविद्यालय के समस्त शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि यह सफलता संपूर्ण टीमवर्क, प्रतिबद्धता और संस्थागत दृष्टि का परिणाम है।
उन्होंने गर्वपूर्वक कहा,
“कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय पूरे देश के सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालयों में से एक है। एनईपी-2020 के कार्यान्वयन में प्राप्त अंकों के मामले में कोई भी अन्य विश्वविद्यालय हमारे निकट नहीं है।”
कुलपति प्रो. सचदेवा ने भविष्य की रणनीति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मैक्रो स्तर पर लक्ष्य प्राप्त कर लिया गया है, अब माइक्रो स्तर पर सुधार आवश्यक है। उन्होंने भारतीय ज्ञान प्रणाली (Indian Knowledge System) को सभी विषयों के पाठ्यक्रम में मुख्यधारा में लाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे अपने-अपने विषयों में भारतीय ज्ञान परंपरा आधारित नवीन अध्ययन सामग्री विकसित करें।

उन्होंने विशेष रूप से प्रथम एवं द्वितीय वर्ष के स्किल एनहांसमेंट कोर्सेज को नेशनल स्किल क्वालिटी फ्रेमवर्क (NSQF) एवं नेशनल ऑक्यूपेशनल स्टैंडर्ड (NOS) से जोड़ने की आवश्यकता बताई, जिससे विद्यार्थियों को प्रारंभिक वर्षों में ही रोजगार के अवसर मिल सकें।
कुलपति ने बताया कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने स्वयं की यूजी एवं इंटर्नशिप गाइडलाइन्स तैयार कीं, जिन्हें केंद्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल सैनी द्वारा इसी सभागार में जारी किया गया था। उन्होंने नैक मूल्यांकन, वित्तीय प्रबंधन और भर्ती प्रक्रिया जैसी चुनौतियों के बीच समन्वय के प्रयासों को भी साझा किया।
इस अवसर पर कुलसचिव प्रो. वीरेंद्र पाल ने कुलपति का स्वागत करते हुए उनके दूरदर्शी नेतृत्व की सराहना की। डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. राकेश कुमार ने विश्वास जताया कि विश्वविद्यालय आने वाले समय में भी नए कीर्तिमान स्थापित करेगा। अन्य वक्ताओं ने भी एनईपी-2020 के सफल क्रियान्वयन, परीक्षा सुधार, फंडिंग, खेल संस्कृति और अकादमिक गुणवत्ता पर अपने विचार साझा किए।
समारोह का संचालन प्रो. विवेक चावला ने किया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के डीन, विभागाध्यक्ष, शिक्षक, अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे, जिससे यह आयोजन विश्वविद्यालय के इतिहास में एक यादगार उपलब्धि बन गया।
