ICAR – IVRI में ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ के अंतर्गत एक उच्चस्तरीय समीक्षा एवं योजना बैठक का आयोजन

इज्जतनगर : भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान, में आज ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ के अंतर्गत एक उच्चस्तरीय समीक्षा एवं योजना बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक संस्थान के प्रसार शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित की गई, जिसमें अभियान की रूपरेखा, रणनीति एवं आगामी गतिविधियों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। यह अभियान संस्थान के निदेशक एवं नोडल अधिकारी डॉ त्रिवेणी दत्त के नेतृत्व में बरेली तथा उत्तराखंड क्षेत्र में संचालित किया जाएगा।

Indian Veterinary Research Institute - IVRI
Courtesy : ivri.nic.in

बैठक की अध्यक्षता करते हुए डॉ त्रिवेणी दत्त ने बताया कि केंद्रीय कृषि मंत्री द्वारा घोषित यह राष्ट्रव्यापी जन-जागरूकता अभियान 29 मई से 12 जून 2025 तक आयोजित किया जाएगा, जिसका उद्देश्य देशभर के 700 जिलों में लगभग 1.5 करोड़ किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों तथा उन्नत बीज किस्मों की जानकारी प्रदान करना है।

डॉ दत्त ने आगे बताया कि इस अभियान के मुख्य उद्देश्य किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों से अवगत कराना, कृषि क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न सरकारी योजनाओं एवं नीतियों की जानकारी साझा करना, स्थानीय स्तर पर किसानों का दस्तावेजीकरण करना तथा उनकी तकनीकी आवश्यकताओं और सुझावों के अनुरूप अनुसंधान को अधिक प्रभावी एवं उपयोगी बनाना है। उन्होंने यह भी बताया कि इस अभियान के अंतर्गत संस्थान के वैज्ञानिकों की तीन-तीन सदस्यीय टीमें प्रतिदिन तीन जिलों में जाकर किसानों से प्रत्यक्ष संवाद करेंगी, जिससे प्रतिदिन 10–12 लाख किसानों तक पहुंचने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

डॉ दत्त ने इस बात पर विशेष बल दिया कि इस अभियान के माध्यम से संस्थान की उन्नत तकनीकों, नवीन किस्मों, प्राकृतिक खेती, फसल बीमा, मृदा स्वास्थ्य कार्ड तथा आई वी आर आई की ICT पहलों की जानकारी भी किसानों तक पहुंचाई जाएगी। उन्होंने वैज्ञानिकों एवं तकनीकी कर्मचारियों से अभियान में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया।

कृषि विज्ञान केंद्र के प्रमुख डॉ एच आर मीणा ने अभियान के अंतर्गत जिलेवार प्रतिदिन की जाने वाली गतिविधियों तथा वैज्ञानिक-किसान संवाद के लिए गठित टीमों की विस्तृत कार्य योजना प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि यह अभियान बरेली, बदायूं, रामपुर सहित उत्तराखंड के विभिन्न जिलों में संचालित किया जाएगा, जिसके लिए कुल 117 वैज्ञानिक टीमों का गठन किया गया है।

संस्थान की संयुक्त निदेशक (प्रसार शिक्षा) डॉ रूपसी तिवारी ने अभियान से जुड़ी संभावित चुनौतियों और उनके समाधान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सभी विभागों के समन्वय और सुव्यवस्थित योजना के माध्यम से इस अभियान को सफलतापूर्वक संपन्न किया जा सकता है।

बैठक में संस्थान की संयुक्त निदेशक (कैडराड) डॉ सोहिनी डे, संयुक्त निदेशक (अनुसंधान) डॉ एस के सिंह, वित्त नियंत्रक संजीवन प्रकाश, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी सुजीत कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के प्रमुख, वैज्ञानिक, तकनीकी एवं प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।

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