NUSRL रांची के कुलपति प्रो. (डॉ.) अशोक आर. पाटिल को ‘इंडियन अचीवर्स अवार्ड 2025’ से किया गया सम्मानित

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विधि विश्वविद्यालय की पहचान और मजबूत

रांची, 6 जून 2025 : नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ स्टडी एंड रिसर्च इन लॉ (NUSRL), रांची के कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) अशोक आर. पाटिल को उनके उत्कृष्ट पेशेवर योगदान और राष्ट्र निर्माण में प्रभावशाली भूमिका के लिए ‘इंडियन अचीवर्स अवार्ड 2025’ से सम्मानित किया गया है। यह प्रतिष्ठित पुरस्कार इंडियन अचीवर्स फोरम द्वारा उन व्यक्तित्वों को प्रदान किया जाता है, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों में असाधारण योगदान दिया है।

विधि शिक्षा, उपभोक्ता अधिकार और न्यायिक सुधार में अग्रणी योगदान

डॉ. पाटिल ने विगत 27 वर्षों में उपभोक्ता कानून, विधि शिक्षा और नीति निर्माण में उल्लेखनीय कार्य किया है। उन्होंने ऑनलाइन कंज्यूमर मीडिएशन सेंटर (OCMC) और इंटरनेशनल जर्नल ऑन कंज्यूमर लॉ एंड प्रैक्टिस की स्थापना की, जो विधिक शोध और उपभोक्ता अधिकारों के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित हुए हैं।

उनके नेतृत्व में भारत सरकार के उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के सहयोग से NUSRL में ‘कंज्यूमर चेयर’ की स्थापना की गई, जिससे विश्वविद्यालय के शोध और नीति निर्माण की दिशा को नया बल मिला।

NIRF रैंकिंग और व्यावसायिक शिक्षा में सुधार

प्रो. पाटिल के कुशल नेतृत्व में विश्वविद्यालय की NIRF रैंकिंग में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उन्होंने क्लीनिकल लीगल एजुकेशन को बल देकर छात्रों को व्यावहारिक अनुभव से जोड़ा और सामाजिक न्याय के प्रति समझ को गहराया। उनके प्रयासों से विश्वविद्यालय में IPR चेयर, कंज्यूमर चेयर, और कई नए रिसर्च सेंटर तथा शैक्षणिक समितियाँ स्थापित की गईं।

वैश्विक और राष्ट्रीय साझेदारियाँ

NUSRL ने डॉ. पाटिल के मार्गदर्शन में इटली, स्विट्जरलैंड, और नेपाल के प्रमुख संस्थानों के साथ अंतरराष्ट्रीय सहयोग स्थापित किया है। साथ ही, IIM रांची, GNLU, BIT मेसरा, और उपभोक्ता मंत्रालय जैसी संस्थाओं के साथ भी मजबूत शैक्षणिक और शोध संबंध विकसित किए गए हैं। इन पहलों ने NUSRL को भारत के प्रमुख विधि विश्वविद्यालयों में एक सशक्त पहचान दिलाई है।

“यह पुरस्कार मेरे अकेले का नहीं, बल्कि NUSRL की संपूर्ण टीम के सामूहिक प्रयासों का फल है। हमारा लक्ष्य न केवल विधि शिक्षा को मजबूत बनाना है, बल्कि उसे न्याय, शोध और सामाजिक बदलाव का माध्यम बनाना है। कानून केवल पेशा नहीं, यह समाज को दिशा देने वाला प्रभावशाली औजार है।” – कुलपति प्रो. (डॉ.) अशोक आर. पाटिल


यह पुरस्कार न केवल प्रो. पाटिल की व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि NUSRL रांची की राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर उभरती पहचान का प्रमाण भी है।

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