आईसीएआर-राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का आयोजन
करनाल, 8 मार्च 2025 : आईसीएआर-राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान, करनाल में 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर संस्थान के निदेशक एवं कुलपति डॉ. धीर सिंह ने अपने अध्यक्षीय भाषण में कहा कि 2025 का विषय “सभी महिलाओं और लड़कियों के लिए: अधिकार। समानता। सशक्तीकरण” सार्वभौमिक अधिकारों और अवसरों के महत्व पर जोर देता है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि हर महिला और लड़की भविष्य में अधिक न्यायसंगत समाज में योगदान कर सकें। उन्होंने लैंगिक समानता में तेजी से प्रगति की आवश्यकता पर बल दिया और यह रेखांकित किया कि इस दिशा में अब भी कुछ क्षेत्रों में चुनौती बनी हुई है, जिससे आर्थिक भागीदारी और हिंसा जैसे मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता है।
डॉ. सिंह ने यह भी बताया कि एनडीआरआई में 50% से अधिक छात्राएं अध्ययन कर रही हैं और हाल के 20वें दीक्षांत समारोह में 6 पदक छात्राओं ने जीते, जो संस्थान के लिए गर्व की बात है। इसके अलावा, एनडीआरआई ‘GATI’ (Gender Advancement for Transforming Institutions) कार्यक्रम का हिस्सा है, जो विज्ञान और प्रौद्योगिकी में लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के लिए एक पहल है।

इस अवसर पर हरियाणा राज्य विधि आयोग, पंचकूला की सदस्य डॉ. सारिका गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थीं। डॉ. सारिका ने अपने संबोधन में भारतीय महिला आंदोलन की अग्रणी हस्ती श्रीमती सरोजिनी नायडू के योगदान की सराहना की। उन्होंने भारत में महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा के लिए मजबूत कानूनी ढांचे का उल्लेख किया, जिसमें संविधान के प्रावधान और विशिष्ट कानून जैसे घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, 2005, कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न अधिनियम, 2013, मातृत्व लाभ अधिनियम और समान पारिश्रमिक अधिनियम, 1976 शामिल हैं।
संयुक्त निदेशक (शैक्षणिक) डॉ. ए.के. सिंह और संयुक्त निदेशक (अनुसंधान) डॉ. राजन शर्मा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस हमें महिलाओं द्वारा समाज में किए गए योगदान और उनके सामने आने वाली चुनौतियों को याद दिलाता है। इस अवसर पर भारतीय कृषि प्रणाली की महिला प्रतीक पर छात्रों द्वारा तैयार किए गए लघु वीडियो दिखाए गए। स्वयं सहायता समूहों, बाल शिक्षा और ड्रोन दीदी के नेतृत्व में डेयरी महिलाओं के क्षेत्र में काम करने वाली महिलाओं पर संक्षिप्त कहानियां प्रदर्शित की गईं। इसके अलावा, “एसेंस ऑफ शी” नामक लघु फिल्म भी प्रदर्शित की गई, जो एनडीआरआई के छात्रों द्वारा तैयार की गई थी।

कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. गोपाल सांखला, डेयरी विस्तार प्रमुख, एनडीआरआई के छात्र और कर्मचारी और 57 महिला किसान इस उत्सव के दौरान उपस्थित थे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ और समूह तस्वीरें भी ली गईं।