भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान में किसान मेला एवं प्रदर्शनी का आयोजन
बरेली : भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई), इज्जतनगर के संयुक्त निदेशालय प्रसार शिक्षा द्वारा ग्राम सिमरा अजूबी (बिथरी चैनपुर) में किसान मेला एवं प्रदर्शनी का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर बरेली जनपद के बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए और नवीन तकनीकों व सरकारी योजनाओं की जानकारी प्राप्त की। मेला में नार्म हैदराबाद से क्षेत्र प्रशिक्षण के तहत आए छह नए वैज्ञानिकों ने भी भाग लिया।
कार्यक्रम का उद्घाटन अर्बन कोऑपरेटिव बैंक, बरेली की अध्यक्षा श्रीमती श्रुति गंगवार ने किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि “कृषि और किसान भारत की आत्मा हैं” और जब तक किसान एवं कृषि क्षेत्र समृद्ध नहीं होंगे, तब तक विकसित भारत का सपना साकार नहीं हो सकता। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे वैज्ञानिक तरीकों से कृषि और पशुपालन को अपनाएं और आईवीआरआई के वैज्ञानिकों से मिलकर अपनी समस्याओं का समाधान प्राप्त करें।

संस्थान के निदेशक डॉ. त्रिवेणी दत्त ने कहा कि किसान मेले किसानों और वैज्ञानिकों के बीच दो-तरफा संवाद का महत्वपूर्ण मंच है, जिससे पशुपालन की नवीन तकनीक, रोग प्रबंधन और सरकारी योजनाओं की जानकारी सीधे किसानों तक पहुंचती है। उन्होंने बताया कि भारत सरकार द्वारा पशुओं का निशुल्क टीकाकरण और विभिन्न लाभकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं। साथ ही 3 से 18 अक्टूबर तक विकसित संकल्प कृषि अभियान के तहत वैज्ञानिकों की टीमें बरेली, रामपुर और बदायूं जनपदों के किसानों तक पहुंचेंगी।

संयुक्त निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. रूपसी तिवारी ने बताया कि इस मेले का उद्देश्य किसानों को नस्ल प्रबंधन, पशु स्वास्थ्य प्रबंधन, परजीवी रोगों की पहचान, जैविक खेती की विधियां और सरकारी ऋण योजनाओं की जानकारी प्रदान करना है। उन्होंने संस्थान द्वारा विकसित मोबाइल ऐप, यूट्यूब चैनल और पॉडकास्ट के जरिए जानकारी प्राप्त करने की सुविधाओं पर भी प्रकाश डाला।
इस अवसर पर आईवीआरआई के वैज्ञानिकों ने महत्वपूर्ण विषयों पर उपयोगी जानकारियां साझा कीं।

- डॉ. हीरा राम ने पशुओं में होने वाले परजीवी रोगों के निदान और रोकथाम पर जानकारी दी।
- डॉ. हरिओम पांडे ने भैंसों की उन्नत नस्लों पर व्याख्यान दिया।
- डॉ. के. महेन्द्रन ने पशु रोगों और उनके नियंत्रण पर विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।
किसानों के लिए प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें विजेताओं को पुरस्कार और प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। मेले के सफल आयोजन में डॉ. एच. आर. मीना, डॉ. महेश चन्द्र, डॉ. विश्वबंधु चतुर्वेदी, डॉ. नेहा, श्री आर. एल. सागर और डॉ. शार्दूल सहित प्रसार शिक्षा विभाग की टीम का विशेष योगदान रहा।

