महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय मे विभागीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता
पीड़ित को सही अर्थों में न्याय दिलाना अधिवक्ता का परम कर्तव्य : न्यायाधीश विवेक देशमुख
वर्धा : महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के विधि विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय (10-11 मार्च) विभागीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता के समापन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वर्धा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव न्यायाधीश विवेक देशमुख ने कहा कि न्याय प्रदान कराते समय मजबूती से तथ्यों को प्रस्तुत करना चाहिए तथा जो पीड़ित है उसे सही अर्थों में न्याय दिलाना ही अधिवक्ता का परम कर्तव्य है। प्रतियोगिता में सहभागी सभी टीमों की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि सभी ने अपने-अपने पक्षकारों की ओर से भरण पोषण दिलाने के लिए एक से बढ़कर एक तर्क प्रस्तुत किए जो काबिले तारीफ है।समापन समारोह के मुख्य अतिथि अधिवक्ता प्रदीप गौतम ने कानूनी पेशे के वर्तमान परिदृश्य पर प्रकाश डाला।

प्रतियोगिता में कृष्णा गौतम, आद्या और सचिन कुमार की टीम विजेता रही। जबकि सत्यम कुमार सक्सेना, शुभ्रांशु कुमार पाण्डेय और मधु देवी की टीम ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। सुमीत कुमार, धनंजय कुमार, चंद्रभान कोगे, आकांक्षा रानी, सेतु कुमार, शुभम मिश्र की टीम संयुक्त रूप से तृतीय स्थान पर रही। ब्रजेश सोनकर, ओम चंद्रकांत वाठ, दीनदयाल, सुमीत कुमार, धनंजय कुमार, चंद्रभान कोगे की टीम को संयुक्त रूप से बेस्ट मेमोरियल और बेस्ट रिसर्चर का तथा शिवा यादव और सुमीत कुमार को बेस्ट स्पीकर का अवार्ड दिया गया।
इस दौरान विधि विभाग के अधिष्ठाता प्रो. जनार्दन कुमार तिवारी अतिथियों व प्रतिभागियों को सम्मानित किया।
कार्यक्रम का संचालन मूट कोर्ट प्रभारी
डॉ. युवराज खरे ने किया तथा मूट कोर्ट सह प्रभारी डॉ. दिव्या शुक्ला ने आभार माना। इस अवसर पर डॉ. अभिषेक त्रिपाठी, आनंद भारती अमोल आड़े, जयश्री डफरे, विक्की लांडे सहित अन्य विभागों के विद्यार्थी उपस्थित रहे।