शिक्षण, शोध और सेवा में दें योगदान – कुलपति प्रो. सुधीर कुमार जैन

काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के कुलपति ने नवनियुक्त शिक्षकों से किया आह्वान

वाराणसी, 28 नवंबर 2024 : काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के कुलपति प्रो. सुधीर कुमार जैन ने नवनियुक्त शिक्षकों का आह्वान किया है कि वे उत्कृष्ट शिक्षण और शोध के साथ-साथ सामुदायिक सेवा में भी सक्रिय योगदान दें। विश्वविद्यालय के मालवीय मूल्य अनुशीलन केंद्र में आयोजित एक संवाद कार्यक्रम के दौरान उन्होंने शिक्षकों से विश्वविद्यालय की अपेक्षाओं और उनकी जिम्मेदारियों पर प्रकाश डाला।

नवनियुक्त शिक्षकों से संवाद
कुलपति ने कहा कि बीएचयू जैसे प्रतिष्ठित संस्थान का सदस्य होना एक बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने नवनियुक्त संकाय सदस्यों को प्रेरित करते हुए कहा, “आपको केवल अपने शिक्षण और शोध में ही नहीं, बल्कि सामुदायिक सेवा में भी ऊर्जा और उत्साह के साथ योगदान देना होगा। विश्वविद्यालय की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए आपसी संवाद और सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है।”

प्रो. जैन ने बताया कि विश्वविद्यालय शिक्षकों के प्रोफेशनल डिवेलपमेंट के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि इसके लिए धन और अवसरों की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने संकाय सदस्यों को उत्कृष्ट शोध परियोजनाओं पर कार्य करने के लिए प्रेरित किया और सभी संकायों में नए शिक्षकों के मार्गदर्शन के लिए वरिष्ठ आचार्यों को मेंटर के रूप में नियुक्त करने की पहल का उल्लेख किया।

Contribute to teaching, research and service - BHU Vice Chancellor Prof. Sudhir Kumar Jain

प्रशासनिक प्रक्रियाओं को आसान बनाने का प्रयास
कुलपति ने यह भी आश्वासन दिया कि नवनियुक्त शिक्षकों को प्रशासनिक प्रक्रियाओं में जटिलताओं का सामना नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन ईज़ ऑफ लिविंग के विचार को साकार करने के लिए प्रयासरत है। शिक्षकों के सुझावों को भी आमंत्रित करते हुए उन्होंने कहा, “आपके विचार विश्वविद्यालय की व्यवस्था को और बेहतर बनाने में सहायक होंगे।”

अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की भागीदारी
कुलसचिव प्रो. अरुण कुमार सिंह ने बताया कि प्रशासन यह सुनिश्चित करने के लिए कदम उठा रहा है कि शिक्षकों का बहुमूल्य समय अनावश्यक प्रक्रियाओं में नष्ट न हो। कुलगुरु प्रो. संजय कुमार ने शिक्षकों को विश्वविद्यालय की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी, जिनसे वे अपनी शैक्षणिक और शोध गतिविधियों को गति दे सकते हैं।

यह संवाद कार्यक्रम विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को दर्शाता है कि वह अपने शिक्षकों के समग्र विकास और कार्य के प्रति संतुष्टि के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है।

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