विश्व एड्स दिवस के अवसर पर जनजागरूकता हेतु काशी हिन्दू विश्वविद्यालय की जागरूकता रैली संपन्न
वाराणसी : विश्व एड्स दिवस 2024 के अवसर पर काशी हिंदू विश्वविद्यालय के आईएमएस गेट से लंका चौराहा और महिला महाविद्यालय होते हुए एक जागरूकता रैली आयोजित की गई। इस रैली का आयोजन एआरटी सेंटर और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (एचआईवी केयर), मेडिसिन विभाग, आईएमएस, बीएचयू ने किया। रैली का उद्देश्य एचआईवी/एड्स के प्रति जागरूकता फैलाना था।


रैली का शुभारंभ 1 दिसंबर 2024 को सुबह 9:00 बजे किया गया। इसे प्रो एस एन शंखवार, निदेशक, आईएमएस, बीएचयू ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस वर्ष विश्व एड्स दिवस का मुख्य नारा था: “सही मार्ग अपनाएं: मेरा स्वास्थ्य, मेरा अधिकार”।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रो एस एन शंखवार ने कहा कि एक ही छत के नीचे काउंसलिंग, जांच, दवा वितरण और डॉक्टरों की सलाह जैसी सुविधाएं मरीजों के लिए वरदान हैं।
प्रो श्याम सुंदर ने एआरटी सेंटर की स्थापना से लेकर उसकी विकास यात्रा पर प्रकाश डाला और इसके उत्थान के लिए अपना मार्गदर्शन जारी रखने का आश्वासन दिया।
प्रो जया चक्रवर्ती, नोडल अधिकारी, एआरटी सेंटर, ने बताया कि बीएचयू का एआरटी सेंटर उत्तर प्रदेश का सबसे पुराना और बड़ा केंद्र है। इसे 2010 में भारत सरकार द्वारा “सेंटर ऑफ एक्सीलेंस” का दर्जा दिया गया। यहां यूपी और बिहार के गंभीर एचआईवी संक्रमित मरीजों को सेकंड और थर्ड लाइन की दवाएं मुफ्त में उपलब्ध कराई जाती हैं।
एआरटी सेंटर, बीएचयू में:
- 27,613 एचआईवी संक्रमित पंजीकृत हैं।
- हर माह लगभग 5,000 मरीज नियमित रूप से दवा लेते हैं।
- मुफ्त सीडी4, वायरस लोड, और अन्य जांच सेवाएं उपलब्ध हैं।
- गैर संचारी रोगों के लिए स्क्रीनिंग और चिकित्सा सेवाएं भी दी जाती हैं।
समाज में जागरूकता और सहयोग
रैली में “दिशा,” “बनारस नेटवर्क ऑफ पॉजिटिव पीपुल,” “आशा सदन,” आईसीटीसी, सुरक्षा क्लिनिक, और लक्षित परियोजनाओं के सदस्य शामिल हुए। प्रतिभागियों ने “एचआईवी हारेगा, हम नहीं,” “जानकारी ही बचाव है,” जैसे जागरूकता नारे लगाते हुए समाज में जागरूकता फैलाने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के समापन पर प्रो अशोक कुमार और प्रो गोपालनाथ ने एचआईवी संक्रमित लोगों के लिए जीवन की गुणवत्ता में सुधार और सामाजिक भेदभाव को खत्म करने के उपायों पर जोर दिया।
इस आयोजन ने एड्स से जुड़ी भ्रांतियों को खत्म करने और एचआईवी संक्रमित लोगों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने का संदेश दिया।