भारतीय पशुचिकित्सा अनुसंधान संस्थान द्वारा स्वच्छता एवं जूनोटिक रोगों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
बरेली : इज्जतनगर स्थित भारतीय पशुचिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) के पशु जन स्वास्थ्य (वीपीएच) विभाग द्वारा “अनुसूचित जाति उप-योजना” के अंतर्गत ग्राम पंचायत चंदूखा टोड़ी, तहसील फरीदपुर के किसानों हेतु स्वच्छता एवं जूनोटिक रोगों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।





कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य अनुसूचित जाति समुदाय के पशुपालकों में स्वच्छता को बढ़ावा देना तथा जूनोटिक रोगों की रोकथाम पर जागरूकता फैलाना था। इस दौरान, एक शोध-आधारित प्रश्नावली के माध्यम से किसानों के बीच जूनोटिक रोगों को लेकर उनके ज्ञान, दृष्टिकोण और व्यवहार (KAPs) का मूल्यांकन किया गया। मूल्यांकन के पश्चात, डॉ हिमानी धान्जे ने जूनोटिक रोगों, एंटीमाइक्रोबियल प्रतिरोध एवं खाद्य जनित रोगजनकों पर व्याख्यान दिया तथा रोकथाम उपायों के महत्व को रेखांकित किया।
कार्यक्रम के दौरान किसानों को स्वच्छ दुग्ध उत्पादन, हाथों की स्वच्छता एवं वेक्टर जनित जूनोटिक रोगों से संबंधित जानकारी प्रदान करने हेतु फोल्डर एवं लीफलेट वितरित किए गए। इसके अतिरिक्त, अनुसूचित जाति समुदाय के 50 किसानों को डॉ रूपसी तिवारी द्वारा पशु कल्याण किट प्रदान की गई, जिसमें स्टेनलेस स्टील दूध पात्र, केलेटेड मिनरल मिक्सचर, पोटेशियम परमैंगनेट, परजीवी रोधी घोल एवं फोल्डेबल मच्छरदानी शामिल थे। इस पहल का उद्देश्य किसानों में जूनोटिक रोगों के प्रसार को कम करना एवं उनकी स्वास्थ्य सुरक्षा को सुनिश्चित करना था।
इस कार्यक्रम में आईवीआरआई के निदेशक डॉ त्रिवेणी दत्त, संयुक्त निदेशक (प्रसार शिक्षा) डॉ रूपसी तिवारी, पशु जन स्वास्थ्य विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ बबलू कुमार तथा वैज्ञानिक डॉ हिमानी धांजे एवं डॉ एम सुमन कुमार का विशेष योगदान रहा।