मध्य प्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय और मध्य प्रदेश हिंदी ग्रंथ अकादमी के मध्य हुआ समझौता
हिंदी भाषा और संस्कृति के संवर्धन के लिए दोनों संस्थाओं के बीच सहयोग को मिलेगा नया आयाम
भोपाल | 30 दिसंबर 2025 : हिंदी भाषा और संस्कृति के संरक्षण, संवर्धन एवं प्रचार-प्रसार को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश हिंदी ग्रंथ अकादमी और मध्य प्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय, भोपाल के बीच मंगलवार को एमओयू (समझौता ज्ञापन) पर हस्ताक्षर किए गए।
इस अवसर पर भोज मुक्त विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में दोनों संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य हिंदी भाषा के विकास के लिए संयुक्त गतिविधियों, शैक्षणिक सहयोग और अकादमिक संसाधनों के साझा उपयोग को बढ़ावा देना था।

बैठक की अध्यक्षता मध्य प्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. मिलिंद दांडेकर ने की। कार्यक्रम के आरंभ में उन्होंने मप्र हिंदी ग्रंथ अकादमी के संचालक श्री अशोक कड़ेल का शॉल एवं तुलसी का पौधा भेंट कर स्वागत एवं सम्मान किया।
समझौता ज्ञापन पर विश्वविद्यालय की ओर से कुलसचिव डॉ. सुशील मंडेरिया ने हस्ताक्षर किए, जबकि हिंदी ग्रंथ अकादमी की ओर से यह औपचारिकता संयुक्त संचालक डॉ. उत्तम सिंह चौहान द्वारा संपन्न की गई।

इस एमओयू के माध्यम से हिंदी भाषा, साहित्य एवं संस्कृति के क्षेत्र में संयुक्त कार्यक्रम, शोध, प्रशिक्षण, प्रकाशन तथा अकादमिक सहयोग को नई दिशा मिलेगी। दोनों संस्थाओं के बीच यह साझेदारी हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय विद्यार्थी सहायता विभाग के निदेशक प्रो. रतन सूर्यवंशी, वरिष्ठ सलाहकार सुश्री निधि रावल गौतम सहित विश्वविद्यालय एवं अकादमी के अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
बैठक का संचालन आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन केंद्र एवं मुद्रा वितरण विभाग की निदेशक डॉ. विभा मिश्रा द्वारा किया गया।
