कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में ‘एआई और डेटा एनालिटिक्स’ पर एक सप्ताह की कार्यशाला का शुभारंभ
एआई और डेटा एनालिटिक्स वर्तमान समय की सबसे महत्वपूर्ण तकनीक: प्रो. राकेश कुमार
कुरुक्षेत्र | 29 दिसम्बर 2025 : कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा के मार्गदर्शन में “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डेटा एनालिटिक्स” विषय पर एक सप्ताह की कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। इस कार्यशाला का आयोजन प्रशिक्षण, प्रशिक्षुता और रोजगार केन्द्र द्वारा विद्यार्थियों के रोजगार अवसरों में वृद्धि के उद्देश्य से किया गया है।
उद्घाटन सत्र में प्रो. राकेश कुमार का संबोधन
कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. राकेश कुमार ने कहा कि एआई और डेटा एनालिटिक्स वर्तमान समय की सबसे महत्वपूर्ण और भविष्य उन्मुख तकनीकें हैं।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के अनुरूप विद्यार्थियों में आधुनिक तकनीकी कौशल का विकास करना कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की प्राथमिकता है, जिससे छात्र वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अपनी सशक्त पहचान बना सकें।

एआई क्षेत्र में रोजगार की अपार संभावनाएं
प्लेसमेंट ऑफिसर डॉ. महेन्द्र सिंह ने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं विद्यार्थियों को उद्योग जगत की आवश्यकताओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने बताया कि एआई और डेटा एनालिटिक्स के क्षेत्र में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं और आने वाले समय में इस क्षेत्र में कुशल पेशेवरों की मांग और बढ़ेगी।
कार्यशाला की रूपरेखा और सत्रों की जानकारी
प्रो. प्रदीप कुमार ने कार्यशाला की रूपरेखा, सत्रों और गतिविधियों के बारे में विद्यार्थियों को विस्तार से जानकारी दी।
वहीं प्रशिक्षण, प्रशिक्षुता और रोजगार केन्द्र के प्रोफेसर इंचार्ज डॉ. जसविन्द्र कुमार ने स्वागत भाषण में विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी ज्ञान और व्यावहारिक कौशल अर्जित करने की सलाह दी।
50 MBA विद्यार्थी ले रहे हैं भाग
इस कार्यशाला में एमबीए के लगभग 50 विद्यार्थी भाग ले रहे हैं। विद्यार्थियों को:
- सैद्धान्तिक ज्ञान
- प्रैक्टिकल सत्र
- एआई और डेटा एनालिटिक्स के विभिन्न तकनीकी पहलुओं का प्रशिक्षण
दिया जाएगा। विश्वविद्यालय एवं उद्योग जगत से आए विभिन्न विशेषज्ञ 5 दिनों तक विद्यार्थियों को प्रशिक्षण प्रदान करेंगे।
इस दौरान विद्यार्थियों की एक टीम को-ऑर्डिनेशन की जिम्मेदारी भी निभा रही है, जिससे उनमें नेतृत्व क्षमता का विकास हो सके।
कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य
इस अवसर पर प्रो. सिद्धार्थ शंकर भारद्वाज, डॉ. महेन्द्र सिंह सहित अन्य शिक्षकगण उपस्थित रहे।
