झारखंड सरकार के सहयोग से NUSRL में दो दिवसीय सेमिनार; कानून और व्यापार पर चर्चा
रांची : नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ स्टडी एंड रिसर्च इन लॉ (NUSRL) ने झारखंड सरकार के उच्च तकनीकी शिक्षा विभाग के साथ मिलकर एक दो दिवसीय सेमिनार का आयोजन किया। इस सेमिनार का मुख्य विषय था – “कानून और अर्थशास्त्र: व्यापार, उद्योग और उससे आगे”।
इस सेमिनार में चार तकनीकी सत्र आयोजित किए गए, जिसमें कई विश्वविद्यालयों के छात्रों ने भाग लिया। इनमें सरला बिरला यूनिवर्सिटी, आरकेडीएफ यूनिवर्सिटी, राय यूनिवर्सिटी, साईनाथ यूनिवर्सिटी, एमिटी यूनिवर्सिटी और इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज, रांची शामिल थे




सेमिनार के उद्घाटन सत्र में झारखंड सरकार के उच्च तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव राहुल पुरवार मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। NUSRL के कुलपति प्रोफेसर डॉ अशोक आर पाटिल ने उनका स्वागत किया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई। मंच पर डॉ जीसु केतन पटनायक (सहायक रजिस्ट्रार) भी मौजूद रहे।
मुख्य अतिथि राहुल पुरवार ने सेमिनार के महत्व और इसके प्रभाव पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि छोटे उद्यमियों और व्यवसायों के लिए कानूनी जागरूकता बहुत जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि बदलती तकनीक और उसके विस्तार को ध्यान में रखते हुए भविष्य की योजना बनानी चाहिए। कानून की जानकारी होना जरूरी है, और यहां मौजूद छात्र भविष्य में समाज को सही दिशा दिखाएंगे।
कुलपति प्रोफेसर डॉ अशोक आर पाटिल ने अपने संबोधन में कहा कि बदलते वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में कानून और अर्थशास्त्र के बीच के संबंध को समझना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि आधुनिक चुनौतियों का सामना करने के लिए व्यवसाय कानून और आर्थिक सिद्धांतों की जानकारी होना आवश्यक है। उन्होंने यह भी बताया कि यह विश्वविद्यालय केंद्र और राज्य सरकारों के साथ मिलकर कई योजनाओं पर काम कर रहा है, जैसे कि स्किल डेवलपमेंट, कर्मचारियों को ट्रेनिंग देना आदि, ताकि विश्वविद्यालय समाज में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सके।
सहायक प्रोफेसर डॉ शांतनु ब्रज चौबे ने विश्वविद्यालय के सेंटर ऑफ बिजनेस लॉ के बारे में जानकारी दी और बताया कि यह सेंटर कैसे काम कर रहा है और भविष्य की रणनीतियों को कैसे तैयार किया जा रहा है। सहायक प्रोफेसर डॉ हीरल मेहता कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन किया।