महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय में ‘भाषाधिकार एवं मानवाधिकार’ पर विशेष व्याख्यान
विश्वविद्यालय में हिंदी पखवाड़े का शुभारंभ, ‘भाषाधिकार एवं मानवाधिकार’ पर विशेष व्याख्यान
वर्धा : महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय में हिंदी दिवस पखवाड़ा समारोह का शुभारंभ हिंदी साहित्य विभाग के तत्वावधान में किया गया। गालिब सभागार में आयोजित विशेष व्याख्यान में मुख्य वक्ता मध्यप्रदेश शासन के सेवानिवृत्त अपर मुख्य सचिव मनोज श्रीवास्तव ने कहा कि “भाषिक स्वराज से सुराज संभव है, इसके लिए हिंदी को जनता की भाषा के रूप में स्थापित करना होगा।” उन्होंने न्यायालयों और शासकीय सेवाओं में हिंदी के प्रयोग पर बल देते हुए कहा कि भाषा के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए।
कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा ने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि हिंदी प्रभुत्व की नहीं बल्कि समन्वय की भाषा है। उन्होंने कहा कि हिंदी ने तकनीक और मीडिया दोनों को समृद्ध किया है तथा यह हमारे स्वाभिमान और सम्मान की भाषा है।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. रूपेश कुमार सिंह ने किया जबकि स्वागत वक्तव्य प्रो. अवधेश कुमार और आभार प्रदर्शन डॉ. अशोक नाथ त्रिपाठी ने किया। कार्यक्रम का आरंभ विश्वविद्यालय कुलगीत और समापन राष्ट्रगान से हुआ।
हिंदी पखवाड़े के अंतर्गत 19 से 26 सितंबर तक शुद्ध लेखन, निबंध लेखन, टिप्पण–मसौदा लेखन, स्वरचित काव्य पाठ एवं टंकण जैसी विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। हिंदी अधिकारी राजेश यादव ने विद्यार्थियों से अधिकाधिक सहभागिता की अपील की।
