केंद्रीय राज्यमंत्री ने श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय में एडवांस मेकाट्रॉनिक्स लैब और फ्लेबोटोमी लैब का उद्घाटन किया

श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय देश के लिए मॉडल- डॉ. जितेंद्र सिंह

पलवल : केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय की भूमिका को सराहते हुए कहा कि यह विश्वविद्यालय युवाओं के भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और यह देश के अन्य विश्वविद्यालयों के लिए एक आदर्श (मॉडल) बन सकता है। उन्होंने कहा कि इस विश्वविद्यालय ने बहुत कम समय में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की हैं।डॉ. सिंह बृहस्पतिवार को श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय में आयोजित स्वागत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। इस अवसर पर उन्होंने विश्वविद्यालय के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में एडवांस मेकाट्रॉनिक्स लैब और पुष्पगिरी भवन में फ्लेबोटोमी लैब और प्रशिक्षण केंद्र का उद्घाटन किया।

इसके साथ ही, उन्होंने विज्ञान प्रकाश जर्नल का विमोचन भी किया। इस जर्नल के आधार पर श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय में पहली अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी कांफ्रेंस आयोजित की जाएगी।कार्यक्रम के दौरान, कुलपति डॉ. राज नेहरू, कुलसचिव प्रोफेसर ज्योति राणा, और अकादमिक अधिष्ठाता प्रोफेसर आर एस राठौड़ की उपस्थिति में डॉ. जितेंद्र सिंह ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालय की पहल की सराहना की।

Union Minister of State Jitendra Singh inaugurated Advanced Mechatronics Lab and Phlebotomy Lab at Shri Vishwakarma Skill University

केंद्रीय मंत्री ने कहा, “श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय ने जो अद्भुत उन्नति की है, वह अन्य शैक्षिक संस्थानों के लिए एक प्रेरणा है। यह विश्वविद्यालय वह कॉलेज है, जहां तकनीकी शिक्षा और औद्योगिक प्रशिक्षण का एकीकृत रूप में संचालन हो रहा है, जो छात्रों को व्यावसायिक कौशल और ज्ञान से लैस करता है।”

उन्होंने आगे कहा कि भारत में स्टार्टअप्स के लिए एक सकारात्मक वातावरण तैयार हो रहा है, और इस प्रक्रिया में श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय एक सक्रिय भागीदार के रूप में योगदान कर रहा है। “हम हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए तैयार हैं ताकि यह विश्वविद्यालय अपने मिशन को और आगे बढ़ा सके,” डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा।

कार्यक्रम के दौरान कुलपति डॉ. राज नेहरू ने बताया कि सिडबी के सहयोग से विश्वविद्यालय में सुपर-30 प्रोग्राम चलाया जा रहा है, जिसमें कई युवा एंटरप्रेन्योर बन चुके हैं और कई अन्य सफलता की ओर बढ़ रहे हैं।

कुलपति ने डॉ. जितेंद्र सिंह को विश्वविद्यालय के छात्रों द्वारा बनाए गए ई-व्हीकल जैसे विभिन्न प्रोजेक्ट दिखाए। केंद्रीय मंत्री ने छात्रों के साथ संवाद किया और उनकी मेहनत और नवाचारों की सराहना की।

इस अवसर पर डॉ. मनी कंवर सिंह (सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के निदेशक), प्रोफेसर ऋषिपाल, प्रोफेसर कुलवंत सिंह, प्रोफेसर ऊषा बत्रा, प्रोफेसर जॉय कुरियाकोज, प्रोफेसर ए के वातल, और प्रोफेसर सुरेश सहित अन्य शिक्षक, अधिकारी और विद्यार्थी भी उपस्थित थे।

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