हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय में 32वें एनईपी अभिमुखीकरण एवं संवेदीकरण कार्यक्रम
अनुसंधान परिणाम आधारित और विकासोन्मुख होना चाहिए – कुलपति प्रो. टंकेशवर कुमार
महेंद्रगढ़ | हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेवि), महेंद्रगढ़ में यूजीसी-मालवीय मिशन टीचर ट्रेनिंग सेंटर (एमएमटीटीसी) द्वारा आयोजित 32वें राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) अभिमुखीकरण एवं संवेदीकरण कार्यक्रम का शुभारंभ सोमवार को किया गया। यह कार्यक्रम पंडित दीन दयाल उपाध्याय केंद्रीय पुस्तकालय, हकेवि के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।

उद्घाटन सत्र में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेशवर कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि अनुसंधान परिणाम आधारित होना चाहिए, जो समाज और राष्ट्र के विकास की दिशा में योगदान दे। उन्होंने शोध की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), मशीन लर्निंग तथा आधुनिक शोध टूल्स के प्रभावी उपयोग पर विशेष बल दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत में कार्यक्रम संयोजक एवं यूजीसी-एमएमटीटीसी के निदेशक प्रो. प्रमोद कुमार ने स्वागत भाषण देते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की। यूजीसी-एमएमटीटीसी की उपनिदेशक प्रो. तनु गुप्ता ने मुख्य अतिथि का परिचय कराया। इसके पश्चात डॉ. विनीता मलिक ने विषय विशेषज्ञ प्रो. सारिका सावंत का परिचय प्रस्तुत किया।
प्रो. सारिका सावंत ने ‘प्रकाशन और अकादमिक कदाचार’ विषय पर अपने विचार व्यक्त करते हुए शोध नैतिकता के महत्व पर प्रकाश डाला।
यह कार्यक्रम 29 जनवरी 2026 तक चलेगा, जिसमें देशभर के विभिन्न विश्वविद्यालयों से 70 शिक्षक एवं शोधार्थी भाग ले रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के विभिन्न पहलुओं पर गहन चर्चा की जाएगी।
कार्यक्रम के अंत में डॉ. चाँदवीर ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
